बावरिया, खानाबदोश और कंजड़ गिरोह पर टिकी निगाह .मॉडस अपरेंडी इन्हीं गिरोह सरीखी, घुमंतू गिरोह के कई बदमाश उठाए गए

बावरिया, खानाबदोश और कंजड़ गिरोह पर टिकी निगाह मॉडस अपरेंडी इन्हीं गिरोह सरीखी, घुमंतू गिरोह के कई बदमाश उठाए गए आसनसोल, बिहार, छत्तीसगढ़ के कुख्यात यहां कर चुके वारदात {अमर सिंह}
मऊआइमा प्रयागराज। साल दर साल गंगापार को खून से लाल करने वाले दरिंदों की तलाश तेज हो गई है। एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या को लेकर घनचक्कर बनी पुलिस एक बार फिर बावरिया और खानाबदोश गिरोह की टोल में लग गई है। वारदात की मॉडस अपरेंडी इसी तरफ इशारा कर रही है। जिस तरीके से मासूम बच्ची के सिर पर वार कर उसे मौत के घाट उतारा गया। महिलाओं से बदसलूकी की गई उससे पुलिस को शक है कि हत्याकांड को क्रूर गिरोह ने अंजाम दिया। बावरिया और खानाबदाेशों का गिरोह ऐसी वारदातों के लिए जाना भी जाता है। पुलिस की जांच आसनसोल और बिहार पठारी इलाकों में रहने वाले कंजड़ गिरोहों पर भी लगी है। सालों पहले जार्जटाउन में एक डॉक्टर परिवार के घर कत्लेआम करने वाले छत्तीसगढ़ के कंजड़ गिरोह का सुराग भी जुटाया जा रहा है। घटनास्थल पर पुलिस टमीों को कई ऐसे सुराग मिले हैं जो कंजड़ गिरोह की करतूत की तरफ इशारा कर रहे हैं। तेजतर्रार माने जाने वाले प्रयागराज जनपद के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के दिशा निर्देश में इससे पहले हुए हत्याकांड में ऐसे कई गिरोह के बदमाशों को पकड़ा था तो कई वारदातें खुलीं थीं। कुछ दिनों के लिए घटनाक्रम थम भी गया था। ईमानदार और तेजतर्रार कप्तान सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के दिशा निर्देशन मेंं 2021 सितंबर माह में घुमंतू गिरोह के बल्ली खरवार, संतोष खरवार, प्रदीप जोशी समेत छ कुख्यातों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। और चार बदमाश फरार थे । इन बदमाशों ने नवाबगंज, सोरांव समेत कई और जिलों में ऐसी घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया था। आसनसोल और डेहरी बिहार से लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ समय के लिए सामूहिक हत्याकांड पर ब्रेक लग गया था । अब पुलिस इस गिरोह के बदमाशों से भी सुराग पाने की जुगम में है। एसटीएफ के साथ पुलिस की सात टीमें इन्हीं गिरोह की ताक में लगी हैं। घुमंतू गिरोह के कई सदस्यों को उठाया भी गया है।

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