भिवंडी चुनाव में सपा की मुश्किलें बढ़ीं!
वार्ड 3 और 4 में जनता रईस शेख के साथ, ग्राउंड रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
भिवंडी की सियासत में भूचाल:
अबू आसिम आज़मी बनाम रईस शेख की तनातनी ने गर्माया चुनाव,
वार्ड 3 और 4 में जनता का खुला समर्थन विधायक के साथ
भिवंडी | UP9 News
भिवंडी की राजनीति इस वक्त बड़े भूचाल से गुजर रही है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता अबू आसिम आज़मी और भिवंडी के मौजूदा विधायक रईस शेख के बीच बढ़ती तनातनी ने महानगरपालिका चुनाव के माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ पार्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर ग्राउंड लेवल पर जनता की सोच और चुनावी समीकरणों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
📍 ग्राउंड जीरो से UP9 News का एक्सक्लूसिव सर्वे
UP9 News की टीम ने वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 4 में पहुंचकर जमीनी हकीकत को करीब से परखा। सर्वे के दौरान स्थानीय लोगों ने बेबाकी से अपनी राय रखी और विधायक रईस शेख के कामों पर खुलकर भरोसा जताया।
🗣️ जनता की दो टूक राय
स्थानीय नागरिकों का कहना है—
“काम किया है तो रईस शेख ने किया है”
“वार्ड का विकास विधायक की वजह से हुआ है”
“सड़कों, नालियों और बुनियादी सुविधाओं में सुधार साफ नजर आता है”
इन बयानों से साफ है कि जनता विकास के मुद्दे पर किसी भी सियासी खींचतान से ऊपर उठकर फैसला कर रही है।
👉 वार्ड 3 और 4 में रईस शेख का मजबूत दबदबा
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ड नंबर 3 और 4 में विधायक रईस शेख को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। जनता खुलकर उनके साथ खड़ी नजर आ रही है, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि
रईस शेख इन दोनों वार्डों में बड़ा खेल कर सकते हैं।
⚠️ टिकट विवाद का चुनाव पर सीधा असर
समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और विधायक रईस शेख के बीच टिकट को लेकर पैदा हुआ विवाद अब सड़कों पर असर दिखाने लगा है। पार्टी के भीतर की खींचतान का खामियाजा कहीं न कहीं सपा को चुनावी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
🚨 समाजवादी पार्टी को लग सकता है बड़ा झटका?
जिस तरह से आवाम खुलकर विधायक रईस शेख के समर्थन में सामने आ रही है, उसे देखकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि
भिवंडी महानगरपालिका चुनाव में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।
📊 विधायक ने झोंकी पूरी ताकत
विधायक रईस शेख ने वार्ड नंबर 3 और 4 के पैनल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। लगातार जनसंपर्क, बैठकें और ग्राउंड एक्टिविटी के जरिए चुनावी मुकाबले को पूरी तरह पलट दिया गया है।
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