मऊआइमा में भूमाफियाओं का बड़ा खेल: सरकारी जमीन के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष शोएब अंसारी की संपत्ति भी बेच डाला
जिलाधिकारी से शिकायत भूमाफियाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग
प्रयागराज/मऊआइमा। मऊआइमा कस्बे में भूमाफियाओं का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां सरकारी संपत्ति के साथ-साथ नगर पंचायत अध्यक्ष शोएब अंसारी की भूमि को भी कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिए जाने का आरोप लगा है। मामले को लेकर इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और एक बार फिर भूमाफियाओं की सक्रियता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार मऊआइमा स्थित गाटा संख्या 4712/1, जो लोनार ग्रामसभा की सरकारी भूमि बताई जा रही है, तथा गाटा संख्या 4713, जो भूमिधर है,को कथित रूप से फर्जी कागजात तैयार कर बेच दिया गया। आरोप है कि इस पूरे खेल में सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन की खरीद-फरोख्त की गई।
इस मामले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। तत्कालीन जांच के दौरान लेखपाल राजकुमार सागर ने 12 दिसंबर 2025 को भूमाफियाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त भी कराया गया था। इसके बावजूद विवादित भूमि की दोबारा बिक्री होने से प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मऊआइमा पुलिस ने पूर्व में इस मामले में मुजफ्फर हक उर्फ मुजाहिद, आमिर, मुनाफ, अबरार अंसारी, मुतेउबुर, लालू सोनी, भीम सिंह और पप्पू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी जमीन को बेचने का प्रयास किया।
अब इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष शोएब अंसारी ने जिलाधिकारी प्रयागराज को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं ने सरकारी संपत्ति के साथ उनकी पुश्तैनी भूमि को भी बेच दिया।
शिकायत पत्र में शोएब अंसारी ने कहा है कि गाटा संख्या 4712/1 सरकारी भूमि है, जबकि गाटा संख्या 4713 उनके पिता अब्दुल कयूम और चाचा अब्दुल मन्नान के नाम दर्ज है। आरोप है कि भूमाफिया लल्लू सोनी ने 21 जनवरी 2026 को उक्त भूमि का बैनामा सना बेगम के नाम कर दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब इस भूमि को लेकर पहले से मुकदमा दर्ज है और विवाद न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है, तब दोबारा बैनामा होना बेहद गंभीर मामला है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मऊआइमा में भूमाफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद विवादित भूमि की पुनः बिक्री यह दर्शाती है कि भू-माफिया प्रशासनिक कार्रवाई से बेखौफ हैं।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और भूमाफियाओं के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होती है। फिलहाल यह मामला मऊआइमा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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