प्रयागराज में नहीं रुक रहा खून खराबा.बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर

गंगापार की परीक्षा में खाकी फेल नहीं थमा खून खराबा -रात के अंधेरे में कुनबों को खत्म करने निकले बदमाश पकड़ से दूर {अमर सिंह राजपूत} मऊआइमा प्रयागराज। जनपद प्रयागराज के थरवई में जिस तरह से एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतारा गया उससे क्रूर अपराधियों के बढ़ते हौसले की बानगी नजर आती है। रात के अंधेरे में कुनबों को खत्म करने निकले बदमाशों के दिलों में खाकी का खौफ बिलकुल भी नहीं रह गया है। कम से कम गंगापार में तो ऐसा ही नजर आता है। गंगापार में जिस तरीके से साल दर साल पूरे परिवार को मार डालने की क्रूर वारदात सामने आ रही है उससे तो यही लगता है कि यहां के इंतेहान में पुलिस पूरी तरह फेल ही हो गई। पहले हुए हत्याकांडों में पुलिस की जांच पर आंच आती रही। असली कातिल सीचखों से दूर रहे और अगली वारदात की तैयारी करते रहे। पुलिस भी गाहे बहागे हत्याकांड से पर्दा उठाकर अपनी मुसीबत टालती रही। गंगापार में जिस ढंग से खून खराबे की इबादत लिखी जा रही है उससे तो यही लगता है कि बदमाश पूरी तरह पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं। हत्याकांड दर हत्याकांड होते रहे और पहले के अफसर किसी प्रकार मुंह छिपाकर निकल गए। अब तो हालात ये हैं कि गांव में रहने वाला शख्स डरने लगा है कि न जाने कब उसके गांव, घर में सामूहिक हत्याकांड वाले बदमाशों का डेरा आ पहुंचे। थरवई से पहले 16 अप्रैल को भागलपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या हुई। 25 अक्टूबर 2021 को गोहरी गांव सोरांव में दलित परिवार के चार लोगों की हत्या और गैंगरेप का मामला सामने आया। पांच जनवरी 2020 को सोरांव थाना क्षेत्र के यूसुफपुर गांव में ब्राम्हण परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या हुई। दो जुलाई 2020 को होलागढ़ थाना क्षेत्र के शुकुलपुर गांव में चार लोगों को धारदार हथियार से काट डाला गया। सात सितंबर 2018 को बिगहिया गांव में सोते वक्त चार लोगों की धारदार हथियार से हत्या की गई। 19 मार्च 2018 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के शहाबपुर गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई।

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