अमेठी के वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश "पीयूष"के आकस्मिक निधन पर साहित्यकारों में शोक की लहर

अमेठी के वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश “पीयूष”के आकस्मिक निधन पर साहित्यकारों में शोक की लहर

साहित्यिक संस्था कविकुल एवं स्वतंत्र कवि मंडल सांगीपुर के मर्माहत साहित्यकारों ने व्यक्त की शोक संवेदना

प्रतापगढ़,साहित्य शिरोमणि आद्या प्रसाद उन्मत्त जी के बहुत करीबी रहे अमेठी के लगभग वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश पीयूष के आकस्मिक निधन पर जनपद की साहित्यिक संस्था कविकुल एवं स्वतंत्र कवि मंडल सांगीपुर के साहित्यकार मर्माहत हैं और उनमें सर्वत्र शोक की लहर दिखाई पड़ रही है। प्रतापगढ़ के अधिकतम कवियों ने श्रद्धेय पीयूष जी के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संवेदना प्रकट की है ।साहित्यिक संस्था कविकुल अध्यक्ष परशुराम उपाध्याय सुमन ने कहा है की श्रद्धेय पीयूष जी का पूरा जीवन, समाज, साहित्य एवं पत्रकारिता को समर्पित था। उन्होंने विविध विधाओं की रचनाओं के माध्यम से जहां, साहित्य को ऊंचाइयों प्रदान की वहीं, भारत की राजधानी दिल्ली से युवाओं के लिए प्रेरणादायक युवा शक्ति नामक समाचार पत्र का सफल प्रकाशन कर पत्रकारिता क्षेत्र में भी अपना प्रमुख स्थान प्राप्त कर लिया था। उन्होंने उक्त समाचार पत्र के संपादन की जिम्मेदारी श्रद्धेय उन्मत्त जी को दिया था।
लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार सुनील प्रभाकर ने श्रद्धेय पीयूष जी के निधन को साहित्य समाज की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा है कि उनका जनपद प्रतापगढ़ से बड़ा लगाव रहा है। उन्होंने साहित्यकारों को सदैव संबल प्रदान किया है। शिक्षाविद डॉक्टर शक्ति कुमार पांडे ने कहा है कि साहित्यिक संस्था कविकुल एवं स्वतंत्र कवि मंडल सांगीपुर के विविध कार्यक्रमों में उपस्थित होकर उन्होंने सदैव कवियों का हौसला बढ़ाते हुए साहित्य के सम्वर्द्धन में अपना योगदान दिया है जिससे वे साहित्य जगत में सदैव याद किए जाते रहेंगे ।शोक संवेदना प्रकट करने वालों में कविकुल संरक्षक रामसेवक त्रिपाठी प्रशांत, पं भानु प्रताप त्रिपाठी मराल, अध्यक्ष परशुराम उपाध्याय सुमन, महासचिव प्रमोद प्रियदर्शी सहित डा दयाराम मौर्य रत्न, डॉ श्याम शंकर शुक्ल श्याम, अनूप अनुपम, डॉ सुधांशु उपाध्याय, सुनील प्रभाकर, विजय बहादुर सिंह अक्खड़, नागेंद्र अनुज, विश्वनाथ त्रिपाठी, आचार्य अनीश देहाती, डॉक्टर सौरभ पांडे, विष्णु दत्त मिश्र प्रसून,चिंतामणि पांडे, सुरेश संभव, सत्येंद्र नाथ मिश्र मृदुल, अनिल प्रताप त्रिपाठी प्रवात, डॉ संगम लाल त्रिपाठी भंवर,राज नारायण शुक्ल राजन,राज किशोर त्रिपाठी रागी, ओम प्रकाश पाण्डेय गुड्डू,राजेश कुमार पांडे निर्झर, सुरेश दुबे ब्योम, प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम, शेष नारायण दुबे राही, डॉ सौरभ पांडे,आनंद प्रचण्ड,सूर्यकान्त मिश्र निराला,ऐश्वर्य पाण्डेय मानस,ओम प्रकाश पंछीके अलावा स्वतंत्र कवि मंडल सांगीपुर के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, यज्ञ नारायण सिंह अज्ञेय, डॉक्टर केसरी नंदन शुक्ला,डॉ अजित शुक्ल, इंजीनियर प्रभाकर मिश्र, महादेव प्रसाद मिश्र बमबम, जनार्दन प्रसाद उपाध्याय, बाबूलाल सरल, गुरुबचन सिंह बाघ, अरविंद सत्यार्थी, अशोक विमल, डॉ संकठा प्रसाद सिंह शैल, यज्ञ कुमार पांडे यज्ञ, अनूप त्रिपाठी, संजय शुक्ला, सुरेश अकेला, दीपेंद्र श्रीवास्तव तनहा एवं अब्दुल मजीद रहवर आदि साहित्यकार रहे।

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