मऊआइमा: आजमपुर पक्का तालाब में डूबने से 15 वर्षीय छात्र की मौत, कल ही UP9 News ने उठाया था सुरक्षा का मुद्दा
मऊआइमा/प्रयागराज। मऊआइमा नगर पंचायत क्षेत्र के आजमपुर ईदगाह पार्क के पास स्थित पक्का तालाब में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में डूबने से 15 वर्षीय छात्र मोहम्मद मुदस्सिर की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर काफी देर तक खोजबीन की, जिसके बाद छात्र का शव बाहर निकाला गया।
15 वर्षीय छात्र था मोहम्मद मुदस्सिर
मृतक की पहचान मोहम्मद मुदस्सिर (15), पुत्र मोहम्मद हारुन, निवासी शाहगंज स्टेशन रोड, मऊआइमा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मुदस्सिर कक्षा 7 का छात्र था। परिवार में उसके दो भाई और दो बहनें हैं।
हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बेटे का शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाम चार बजे के आसपास तालाब के पास दिखाई देने की बात
स्थानीय लोगों के अनुसार मुदस्सिर को करीब शाम चार बजे के आसपास आजमपुर पक्का तालाब के आसपास देखा गया था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
बताया गया कि शाम करीब 6:30 बजे परिजनों को उसके लापता होने की जानकारी मिली। इसके बाद तलाश शुरू की गई। तालाब के पास एक पेड़ के नीचे उसकी चप्पल और टी-शर्ट मिलने की बात सामने आई, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई।
इसके बाद तालाब में खोजबीन शुरू की गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलने पर मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल की मौजूदगी में स्थानीय लोग तालाब में उतरकर छात्र की तलाश में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद मोहम्मद मुदस्सिर का शव तालाब से बाहर निकाला गया।
शव बाहर निकलते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
कल ही UP9 News ने उठाया था खतरनाक स्टंट का मुद्दा
इस हादसे का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक दिन पहले ही UP9 News ने इसी आजमपुर पक्का तालाब में खतरनाक स्टंट का मामला प्रमुखता से उठाया था।
UP9 News की पिछली खबर में सामने आए वीडियो में एक युवक ईदगाह की तरफ से दौड़ लगाकर पक्का तालाब में छलांग लगाकर खतरनाक स्टंट करता दिखाई दिया था। उस समय भी यह सवाल उठाया गया था कि तालाब में लगातार बढ़ती आवाजाही और खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
अब महज एक दिन बाद इसी तालाब में 15 वर्षीय छात्र की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बार-बार हादसों के बाद भी सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
स्थानीय लोगों के मुताबिक आजमपुर पक्का तालाब में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद तालाब के आसपास बच्चों और युवाओं को जाने से रोकने, चेतावनी देने और निगरानी रखने के लिए स्थायी इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मऊआइमा थाना प्रभारी के मुताबिक आजमपुर ईदगाह पार्क और उसके आसपास पुलिस लगातार गश्त करती है। पुलिस द्वारा कई बार वहां बेवजह घूम रहे बच्चों को वहां से हटाया भी गया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस के वहां से हटने के बाद दोबारा भीड़ जमा हो जाती है।
पुलिस के मुताबिक मुदस्सिर के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू कराई गई।
नगर पंचायत, पुलिस और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद सवाल किसी एक पक्ष पर आरोप लगाने से ज्यादा सामूहिक जिम्मेदारी और जवाबदेही का है।
क्या तालाब के आसपास पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं?
क्या खतरनाक स्थानों पर बच्चों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम हैं?
क्या तालाब की नियमित निगरानी की व्यवस्था है?
और अगर पहले भी हादसे सामने आते रहे हैं तो उनसे सबक लेकर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
वहीं, बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की जिम्मेदारी भी अहम है। बच्चों को तालाब और अन्य खतरनाक स्थानों से दूर रखने तथा उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है।
हालांकि, सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा इंतजामों की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की भी है। इसलिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस हादसे के बाद क्या स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे या फिर कुछ दिनों बाद मामला पहले की तरह शांत हो जाएगा?
हादसे के बाद अब कार्रवाई और जवाबदेही जरूरी
मोहम्मद मुदस्सिर की मौत ने एक परिवार को गहरा सदमा दिया है। एक 15 वर्षीय छात्र की जिंदगी खत्म हो गई। ऐसे में अब जरूरत सिर्फ हादसे की चर्चा तक सीमित रहने की नहीं, बल्कि हादसे के कारणों की गंभीरता से समीक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की है।
आजमपुर पक्का तालाब में बार-बार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और नगर पंचायत को तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, निगरानी और अन्य जरूरी उपायों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
किसी भी हादसे के बाद राहत और बचाव जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है कि अगला हादसा होने ही न दिया जाए।
UP9 News इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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