मऊआइमा: आजमपुर ईदगाह पक्का तालाब में मासूम के डूबने की सूचना, मौके पर खोजबीन जारी
मऊआइमा। नगर पंचायत क्षेत्र के आजमपुर स्थित ईदगाह पार्क के पास पक्का तालाब में मासूम के डूबने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तालाब में उतरकर खोजबीन में जुट गए। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद है और स्थानीय लोगों की मदद से मासूम की तलाश की जा रही है।
मऊआइमा थाना प्रभारी के अनुसार, आजमपुर ईदगाह पार्क और उसके आसपास पुलिस लगातार गश्त करती रहती है। पुलिस द्वारा कई बार वहां बेवजह घूम रहे बच्चों को भी हटाया गया है, लेकिन पुलिस के जाते ही दोबारा भीड़ जुट जाती है। थाना प्रभारी ने बताया कि बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना मिली है, जिसके बाद पुलिस मौके पर मौजूद है और स्थानीय लोगों के सहयोग से खोजबीन कराई जा रही है।
कल ही UP9 News ने उठाया था खतरनाक स्टंट का मामला
इस घटना को लेकर सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक दिन पहले ही UP9 News ने इसी आजमपुर पक्का तालाब में खतरनाक स्टंट का मामला प्रमुखता से उठाया था।
सामने आए वीडियो में एक युवक ईदगाह की ओर से दौड़ लगाकर पक्का तालाब में छलांग लगाकर स्टंट करता दिखाई दिया था। उस समय भी सवाल उठाया गया था कि तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
आज उसी स्थान पर मासूम के डूबने की सूचना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पहले भी सामने आते रहे हैं हादसे
स्थानीय लोगों के मुताबिक आजमपुर के इस तालाब में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। तालाब के आसपास पार्क और सार्वजनिक गतिविधियां बढ़ने के कारण यहां बच्चों और युवाओं की आवाजाही भी रहती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है या नहीं?
स्थानीय स्तर पर तालाब के आसपास चेतावनी बोर्ड, निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजामों की मांग भी समय-समय पर उठती रही है।
पुलिस की गश्त पर भी उठे सवाल, लेकिन थाना प्रभारी ने दी सफाई
इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं, हालांकि मऊआइमा थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस लगातार गश्त करती है और बच्चों को वहां से हटाया भी जाता है।
पुलिस के मुताबिक समस्या यह है कि पुलिस के वहां से हटते ही दोबारा भीड़ जमा हो जाती है। ऐसे में केवल पुलिस गश्त से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं दिखाई देता।
जिम्मेदारी आखिर किसकी?
मासूम के डूबने की घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि तालाब के आसपास सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या नगर पंचायत को तालाब के आसपास स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए?
क्या चेतावनी बोर्ड और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए?
क्या अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी चाहिए?
फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तालाब में खोजबीन जारी है। मासूम की तलाश पूरी होने और घटना की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
यह किसी एक पक्ष को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का समय है कि आजमपुर पक्का तालाब में भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।
UP9 News लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
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