मऊआइमा में भीषण जाम से जनजीवन बेहाल, सड़क से अतिक्रमण हटाने को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
प्रयागराज।
जनपद प्रयागराज की मऊआइमा नगर पंचायत इन दिनों गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रही है। तीन बत्ती चौराहा से सदर बाजार बस अड्डा और रेलवे क्रासिंग तक प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम ने आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। घनी आबादी वाले इस कस्बे में सड़क चौड़ीकरण न होने के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जाम की वजह से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी कई बार जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आजादी से पहले स्थापित मऊआइमा नगर पंचायत के विकास मॉडल पर अब सवाल उठने लगे हैं। डबल इंजन सरकार होने के बावजूद कस्बे में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने का कार्य अधूरा पड़ा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण कस्बे का विकास ठप हो गया है।
बड़गांव कलंदरपुर से तीन बत्ती चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं थाना चौराहा से मारखा मऊ, बांका जलालपुर तक भी सड़क का निर्माण कराया जा चुका है। लेकिन तीन बत्ती चौराहा से सदर बाजार रेलवे क्रासिंग तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते इस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट का सहारा लिया गया था, जिस पर कोर्ट से स्टे मिला। वहीं दूसरी ओर कस्बे के विकास और अतिक्रमण हटाने को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई।
अब इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला सामने आया है। कोर्ट ने नगर पंचायत मऊआइमा को पक्षकार बनाते हुए छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद कस्बेवासियों में उम्मीद जगी है। लोगों ने फैसले का स्वागत करते हुए जल्द सड़क निर्माण शुरू होने और अतिक्रमण हटने की मांग तेज कर दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और मऊआइमा को ट्रैफिक जाम से कब राहत मिलती है।
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