🚧 मऊआइमा में सड़क चौड़ीकरण व अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट सख्त, नगर पंचायत को 6 हफ्ते में निर्णय के निर्देश
मऊआइमा (प्रयागराज)।
नगर पंचायत मऊआइमा के टाउन एरिया में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्या अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंच चुकी है। रेलवे क्रॉसिंग से पुराने बस अड्डे, नाटी इमली, सदर बाजार और तीन बत्ती चौराहे तक मुख्य मार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम से आम जनमानस त्रस्त है।
इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट–सी संख्या 31124/2025 दाखिल की गई थी, जिसकी सुनवाई कोर्ट नंबर-4 में माननीय न्यायमूर्ति नीरज तिवारी एवं माननीय न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने की।
याचिका में चुनौटा कुआं से रेलवे स्टेशन मऊआइमा प्रयागराज तक जाने वाली सड़क (तीन बत्ती क्रॉसिंग) के किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस संबंध में 3 अक्टूबर 2024 को नगर पंचायत को अभ्यावेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर पंचायत मऊआइमा, प्रयागराज को प्रतिवादी संख्या 28 के रूप में शामिल करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर नए सिरे से अभ्यावेदन दाखिल करे। इसके बाद नगर पंचायत को सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए अधिकतम छह सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेने का आदेश दिया गया है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश में मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है और अंतिम फैसला नगर पंचायत को नियमों के तहत करना होगा।
उधर कस्बे की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सड़क संकरी होने और दोनों ओर अतिक्रमण के चलते एक समय में केवल एक वाहन गुजर पाता है। एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाएं भी अक्सर जाम में फंस जाती हैं।
कस्बे के व्यापारियों और नागरिकों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ व्यापारी सड़क चौड़ीकरण को विकास की जरूरत बता रहे हैं, जबकि कई लोग मकान टूटने और मुआवजे को लेकर विरोध जता रहे हैं।
अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि मऊआइमा के मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटेगा और सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ होगा। फिलहाल पूरा कस्बा नगर पंचायत के अगले कदम की ओर टकटकी लगाए बैठा है।
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