प्रयागराज(मुदस्सिर खान )
उमेश पाल अपहरण केस में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आने के बाद माफिया बाहुबली अतीक के भाई अशरफ को बरेली जेल वापस भेज दिया गया। इस दौरान अशरफ ने पुलिस वैन में बैठे-बैठे यूपी पुलिस के एक बड़े अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अशरफ ने कहा कि उससे किसी बड़े अफसर ने कहा कि दो महीने के अंदर तुम्हें फिर से किसी बहाने से जेल से बाहर निकालेंगे और तुम निपटा दिए जाओगे। उमेश पाल अपहरण कांड में दोषमुक्त करार दिया गया अशरफ बरेली जेल जाते समय अपने एनकाउंटर को लेकर काफी भयभीत दिखा। उसने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी खुशामद की कोशिश की और कहा कि योगी आदित्यनाथ पर भी कई फर्जी मुकदमे दर्ज थे, इसलिए वे मेरी पीड़ा को समझ सकते हैं|दरअसल, मंगलवार को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में उमेश पाल अपहरण केस की सुनवाई हुई। इस दौरान साबरमती जेल से अतीक अहमद को और बरेली जेल से अशरफ को लाकर कोर्ट में पेश किया गया था। दिनेश चंद्र शुक्ल की अदालत ने मामले पर फैसला सुनाते हुए अतीक को मामले में दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद और एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं अशरफ को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया है। मामले की सुनवाई पूरी हो जाने के बाद दोनों भाइयों को उनकी जेलों में वापस भेज दिया गया।वही बरेली जेल ले जाए जाते वक़्त अशरफ ने यूपी पुलिस के किसी बड़े अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा, आज मुझे प्रयागराज (इलाहाबाद) में धमकी दी गई है कि 2 हफ्ते के अंदर तुम्हें जेल से किसी बहाने निकालेंगे और निपटा देंगे। ये धमकी एक बड़े अफसर ने दी है लेकिन मैं उनका नाम नहीं ले सकता।’ उमेश पाल की हत्या के आरोप के सवाल पर अशरफ ने कहा कि ये मेरे परिवार के खिलाफ साजिश है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार को बदनाम करने की साजिश है।अशरफ ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) जी के ऊपर भी फर्जी मुकदमे लग चुके हैं। वह अच्छी तरह से मेरी पीड़ा समझते हैं। उनके ऊपर भी फर्जी मुकदमे लग चुके हैं। इस दौरान अतीक और खुद को माफिया कहे जाने से अशरफ भड़क गया और कहा, तीन साल मैं जेल में बंद हूं और आपको माफिया दिखता हूं। अतीक 5 बार से विधायक हैं और सांसद भी रहे हैं। मैं भी एक बार विधायक रह चुका हूं। वह भी कई सालों से जेल में हैं और मैं भी 3 साल से जेल में बंद हूं। मैं कैसे साजिश रच सकता हूं।मेरे परिवार को फंसाया गया|अशरफ ने आरोप लगाया कि मेरे परिवार को फंसाया गया है। उसने कहा कि शाइस्ता परवीन मेयर का चुनाव लड़ने वाली थी और प्रचार में लगी थीं इसलिए उनको फंसा दिया गया। अशरफ से सवाल किया गया कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले 11 फरवरी को कौन लोग आपसे मिलने आए थे? इस पर उसने कहा कि मुझसे कौन मिलने आएगा? अधिवक्ता भी मिलने आते हैं तो एलआईयू बैठकर मुलाकात करवाती है। कैमरे लगे हैं। एलआईयू के सामने मुलाकात कराई जाती है। ऐसे में मैं साजिश रचूंगा|अशरफ ने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो माननीय चीफ जस्टिस को, इलाहाबाद के चीफ जस्टिस को और माननीय मुख्यमंत्री को मेरा बंद लिफाफा पहुंच जाएगा। मुझे पुलिस अधिकारी ने कहा है कि 2 हफ्ते में निपटा दिया जाओगे। 2 हफ्ते में तुमको निकालेंगे और निपटा दिए जाओगे। अशरफ ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश है कि जो भी कानूनी कार्रवाई कोर्ट करना चाहे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल में कर सकती है लेकिन फिर भी मुझे और मेरे भाई को जेल से निकाला गया।अशरफ ने कहा कि उनके लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जो भी कानूनी कार्यवाही करनी हो उसके लिए कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कर सकती है। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अगर मुझे किसी वजह से जेल से बाहर निकाला जाता है
तो उसकी वीडियोग्राफी हो और मेरे पसंद के अधिवक्ता मेरे साथ रहें जो कि कोई नहीं है। काफी समय बाद बड़े भाई अतीक अहमद से मुलाकात को लेकर अशरफ ने बताया कि कोर्ट में उसकी अतीक से मुलाकात हुई। दोनों मे क्या बात हुई, जब इस बारे में पूछा गया तो अशरफ ने कहा कि वह हमारे दो भाइयों के बीच की बातचीत है। वह आपको कैसे बता दें|
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