जिन्होंने कराई सीबीआई जांच अब उनपर ही बैठी जांच



जिन्होंने कराई सीबीआई जांच अब उनपर ही बैठी जांच 


सीबीआई ने प्रस्तुत की रिपोर्ट तो हाईकोर्ट ने फिर दिया जांच का आदेश 


फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश


मऊ आइमा प्रयागराज। रेप समेत कई मामलों में मुकदमा दर्ज कराकर धनउगाही करने के 51 मामलों पर सवाल उठे तो सीबीआई ने प्रयागराज में डेरा डाल जांच शुरू कर दी। सीबीआई ने सभी थानों से एफआईआर की कॉपी, जांच रिपोर्ट आदि जमा की और खुद की जांच पूरी कर प्रयागराज से रवाना हो गई। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। सीबीआई जांच हाईकोर्ट के आदेश पर ही शुरू हुई थी। अब हाईकोर्ट ने आरोपित बनाए गए शख्स के प्रार्थना पत्र पर फिर से सीबीआई जांच का आदेश कर दिया। ऐसे में पहले सीबीआई जांच कराने वालों में हड़कंप मच गया है। मामले में कई नए आरोपित सामने आएंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के संबंध में मुकदमों में आरोपी रहे भूपेंद्र पांडे के प्रार्थना पत्र पर सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया था। इस मामले में 20 अक्तूबर को सीबीआई को हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। मामले में जब हाईकोर्ट में सीबीआई के अधिवक्ता जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई अदालत ने नया आदेश दिया। हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ के बहस पर अन्य मुकदमें में आरोपी वकील भूपेंद्र पांडे द्वारा दर्ज मुकदमों का रिकार्ड देखते हुए 24 मुकदमे के संबंध में सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सीबीआई मुकदमों की निष्पक्षता से जांच करते हुए 6 फरवरी 2023 को कोर्ट में बंद लिफाफे में रिपोर्ट प्रस्तुत करे। क्या है पूरा मामला मऊ आइमा प्रयागराज। कुछ माह पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अधिवक्त के खिलाफ दारागंज थाने में एक महिला ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अधिवक्ता ने बुलाकर महिला से कार में रेप किया। पीड़ित ने इस मामले में हाईकोर्ट से मदद की गुहार लगाई। 8 अगस्त 2022 को मुकदमे में आरोपी रहे अधिवक्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि वकीलों का एक फर्जी गैंग है जो मुकदमा दर्ज करा कर सुलह कराने के नाम पर धन उगाही कर रहा है जिसको हाईकोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए आरोपी अधिवक्ता भूपेंद्र पांडे द्वारा प्रार्थना पत्र में दिए गए 51 मुकदमों को सीबीआई जांच का आदेश कर दिया। 51 मुकदमों में 36 मुकदमे सिर्फ मऊआइमा थाने से संबंधित हैं।हालांकि जांच में कुल 24 मुकदमे मऊ आइमा में दर्ज पाए गए। मुकदमों की सूची में मऊआइमा, कीडगंज, शिवकुटी, कर्नलगंज, बहरिया, दारागंज और फाफामऊ थाने में कुल 51 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मुकदमे बहुत पुराने हैं। उनमें सिर्फ मारपीट का आरोप है।हाई कोर्ट द्वारा अब सीबीआई जांच की सिफारिश करने वाले अधिवक्ता द्वारा कराए गए विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की जांच करने के आदेश को लेकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वालों में खलबली मच गई है विभिन्न थानों से मुकदमों की जानकारी एकत्र कर चुकी सीबीआई अब ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए पीड़ित परिवार से मिल रही है। सीबीआई की जांच न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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