मऊआइमा न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करते दरोगा जी

न्यायालय के आदेश को नहीं मानते दरोगा जी प्रयागराज के मऊ आइमा थाने का है मामला मऊआइमा प्रयागराज । अक्सर थानों पर देखने को मिलता है कि लोग न्यायालय के आदेश को लेकर टहलते रहते हैं और पुलिस उस पर अमल नहीं करती है जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि न्यायालय के आदेश को सख्ती से पालन करवाया जाए। लेकिन दरोगा जी हैं कब किस पर मेहरबान हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता जिस पर मेहरबान उसकी बल्ले बल्ले जिस पर नाराज उसका सत्यानाश फिर आदेश चाहे माननीय न्यायालय का क्यों ना हो साहब हैं कौन कहे उनकी मर्जी ज्यादा बात की किसी मुकदमे में ठोक दूंगा। यह ताजा मामला जनपद प्रयागराज के थाना मऊआइमा मैं देखने को मिला। हालांकि प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह की नियुक्ति के बाद से लोगों को न्याय की उम्मीद ज्यादा देखने को मिलने लगी और थाने पर देखने को मिला कि लोगों को हर संभव त्वरित न्याय मिलना शुरू भी हो गया है लेकिन कुछ पुलिस विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को न्याय मिलने में दिक्कत हो रही है मिली जानकारी के अनुसार मऊ आइमा थाना क्षेत्र के धारोता ग्राम प्रधान चौधरी सुभाष पासी ने मऊ आइमा थाने के दरोगा समीर सचान पर यह आरोप लगाया है कि माननीय न्यायालय के दीवानी स्थगन आदेश के होने के बावजूद भी मऊ आइमा थाने में तैनात दरोगा समीर सचान के द्वारा ग्राम प्रधान चौधरी सुभाष पासी को यह कहा गया कि यह आदेश मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता ऐसे आदेश तो आते जाते रहते हैं जबकि संबंध में प्रभारी निरीक्षक थाना मऊ आइमा में सुरेश सिंह से बात होने पर उनके द्वारा बताया गया कि दीवानी न्यायालय की आदेश के क्रम में रोकने के लिए हल्का दरोगा समीर सचान को कहा गया है। लेकिन दरोगा जी हैं कहां सुनने वाले है प्रधान जी दरोगा जी के पास अनुनय विनय करते रह गए और दरोगा जी की मेहरबानी से दीवानी न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद भी निर्माण कार्य चलता रहा। बताते चलें कि सुभाष चंद पटेल पुत्र बृजलाल पटेल निवासी बोड़ीपुर ग्राम सभा धारोता को पट्टा मिला हुआ था पट्टे की पैमाइएस धारा 24 के अंतर्गत की गई पत्थर गढ़ी के दौरान अरविंद कुमार पटेल के द्वारा विरोध किया गया कि पट्टे की भूमि कहीं दूसरी जगह है और पट्टे को कहीं दूसरी जगह नापा जा रहा है और पत्थर गडी की जा रही है इस बात को अरविंद कुमार के द्वारा कमिश्नर प्रयागराज मंडल प्रयागराज के यहां वाद दाखिल किया गया जिस पर दोनों पक्ष मुकदमे के दौरान उपस्थित हुए जहां पर वाद विचाराधीन है इसी बीच सुभाष चंद पटेल द्वारा पैमाइश की गई जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिए जिसका अरविंद कुमार पटेल द्वारा विरोध किए जाने लगा वही बगल में ध रोता न्याय पंचायत जो निर्माणाधीन है जिसकी बाउंड्री वॉल भी बननी है ग्राम प्रधान के द्वारा यह कहा गया जा रहा है कि यह जमीन सरकारी अभिलेखों में ग्राम सभा के खाते में दर्ज है। अरविंद कुमार द्वारा माननीय दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्राप्त किया गया है न्यायालय का स्थगन आदेश भी दरोगा समीर सचान को दिया गया है लेकिन दरोगा जी की मिलीभगत होने की वजह से निर्माण कार्य नहीं रुक सका है यह आरोप ग्राम प्रधान चौधरी सुभाष पासी व अरविंद कुमार पटेल द्वारा लगाया जा रहा है फिलहाल मामला जो भी हो इतना तो स्पष्ट है कि प्रभारी निरीक्षक महोदय के कहने के बावजूद भी यदि दरोगा द्वारा काम को नहीं रोका जा रहा है तो फिर कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन ना होने के से अब वे माननीय उच्च न्यायालय में न्याय की गुहार लगाएंगे । इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सुधीर कुमार से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया कि प्रकरण की जानकारी में नहीं है न्यायालय के आदेश का अक्षरत: पालन कराना पुलिस का दायित्व है यदि ऐसा नहीं है तो जांच कराई जाएगी और कार्रवाई भी कराई जाएगी। किसी भी दशा में न्यायालय के आदेश की अवहेलना ना हो।

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