Shadab Alam Prayagraj.नीलकंठ गंगा परिक्रमा पदयात्रा पूर्ण होने के अवसर पर पदयात्रियों का किया गया स्वागत
गंगा नदी को स्वच्छ बनाने हेतु 6500 किमी से अधिक की नीलकंठ गंगा परिक्रमा पदयात्रा करने वाले कर्नल आरपी पांडे (पुणे), हिरेन पटेल (अहमदाबाद) और रोहित उमराव (फतेहपुर, यूपी) के हैं। 222 दिनों की गंगा नदी के दोनों किनारों की अत्यंत दुर्लभ और साहसिक परिक्रमा को पूरा करना एक रोमांचकारी अनुभव है। आज दिन रविवार को संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के निकट किला घाट में गंगा परिक्रमा करने वाले इन साहसिक पदयात्रियों की परिक्रमा पूर्ण होने के अवसर पर स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
आज 28 नवंबर को एनसीसी डे के मौके पर प्रयागराज एनसीसी ग्रुप की सभी इकाइयों ने बढ़चढ़ कर कार्यक्रम को नायाब बनाया। सुबह 9 बजे एनसीसी के कैडेट्स मार्च पास्ट कर कार्यक्रम स्थल तक पदयात्रियों को लेकर पहुचे। यहां तीनों पदयात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। तत पश्चात पदयात्रियों ने मुख्य अतिथि गंगा समग्र के केंद्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी का कर्नल आरपी पांडे ने माल्यार्पण किया।
इन गंगा पदयात्रियों ने गंगा की विशालता, उसमे व्याप्त प्रदूषण, गंगा के किनारे के उद्योग, कई राज्यों में गंगा के प्रवाह और उसके किनारे लगने वाले मेले, कृषि, जनजीवन, जलीय जीवों एवं नदी के अंदर के पादप जगत आदि के बारे में बताया। इस दौरान विशिष्ठ अतिथियों ने इतनी कठिन परिक्रमा करने वाले इन साहसी पदयात्रियों को सेल्यूट किया। इस दौरान दीर्घा में मौजूद दर्शक पदयात्रा की कठिनाइयों को एलसीडी प्रोजेक्सन के द्वारा देखकर रोमांचित होते रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंच में मेजर जनरल एमएल असवाल (सेवानिवृत), ब्रिगेडियर केपी कृष्णा, कर्नल अनिल राय, कर्नल एके सिन्हा, कर्नल पीपी शर्मा, मिलिमद मनस्वी, कर्नल नितिन सेठ टीए बटालियन, चिंतामणि आदि मौजूद रहे। पूना से डॉ विनीता पांडे, गरिमा कालिया, समीर कालिया, भव्या पांडे,गुजरात से पहुँचे रामिला पटेल, चिंतन पटेल, फतेहपुर से सीमा उमराव, अनुभव, आराध्य उमराव, आशीष पटेल, पूर्व मंत्री उमाकांत त्रिपाठी योगेश शुक्ल, पर्यटन विभाग से अपराजिता सिंह, नामामि गंगे, गंगा शोध केंद्र, गंगा मित्र नीताश्री, समुद्रकुप आश्रम से आशीष शुक्ल, गंगा प्रहरी रोहित निषाद, गंगा विचार मंच से अवधेश निषाद, हवलदार जयवीर, मेजर ऋषिकेश, सूबेदार मिश्र, मुदित अग्रवाल, ब्रजेश जायसवाल के साथ तमाम सामाजिक संगठन व स्थानीय लोग मौजूद रहे।