मऊआइमा में सड़क की पैमाइश के बाद भी अतिक्रमण जस का तस, अब कार्रवाई का इंतजार
सीमांकन और निशानदेही के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण, सड़क चौड़ीकरण को लेकर उठ रहे सवाल
मऊआइमा, प्रयागराज। मऊआइमा कस्बे के मुख्य मार्ग पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू तो हुई, लेकिन अधिकारियों द्वारा सड़क की पैमाइश और निशानदेही किए जाने के बाद भी अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने एक बार फिर वही सवाल खड़ा है कि आखिर अतिक्रमण कब हटेगा, सड़क कब चौड़ी होगी और आम जनमानस को रोजाना लगने वाले जाम से कब राहत मिलेगी?
मामले में 24 अगस्त 2026 को लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मऊआइमा कस्बे के मुख्य मार्ग की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की थी। तीन बत्ती चौराहा से नाती इमली, पुराने बस अड्डे होते हुए रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क की सीमा की निशानदेही की गई थी।
इस दौरान लोक निर्माण विभाग से दीपक गौड़, कानूनगो अनिल कुमार, लेखपाल शारदा पांडे, नगर पंचायत से भारत लाल यादव और वलीद अंसारी सहित कस्बा चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
पैमाइश और निशानदेही के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही सड़क की सीमा में आने वाले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू होगी और लंबे समय से लंबित सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ होगा। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
रिपोर्ट का इंतजार या कार्रवाई में देरी?
स्थानीय स्तर से मिल रही जानकारी के मुताबिक सड़क की पैमाइश और सीमांकन के बाद अभी तक संबंधित रिपोर्ट को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि तहसील प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद नगर पंचायत उसी रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर कार्रवाई आगे बढ़ा सकता है।
हालांकि इस पूरे मामले में नगर पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने के कारण स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि जब सड़क की पैमाइश और निशानदेही हो चुकी है तो अब कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?
हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका का भी मामला
इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले अंसार अहमद का कहना है कि सड़क का नक्शा तहसील में उपलब्ध नहीं है और सड़क आबादी की श्रेणी में आती है। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति में नगर पंचायत की जिम्मेदारी बनती है कि वह सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया पूरी करे।
अंसार अहमद का कहना है कि कार्रवाई के दौरान आम लोगों के नुकसान को भी कम से कम रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट की ओर से नगर पंचायत मऊआइमा को अतिक्रमण हटाने के संबंध में छह सप्ताह की अवधि में कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार करीब छह महीने बीत जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।
स्थानीय भाजपा नेता निमिष खत्री ने भी पूर्व में UP9 News से बातचीत में कहा था कि किसी कारणवश सड़क का चौड़ीकरण अब तक नहीं हो सका है, लेकिन जल्द ही रास्ता साफ होने और अतिक्रमण हटाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण का कार्य संभव होने की बात कही थी।
वहीं पूर्व सभासद मोहम्मद आरिफ का कहना है कि यदि सड़क आबादी की भूमि के अंतर्गत आती है तो नगर पंचायत के पास अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने और नोटिस जारी करने का रास्ता है। उनका आरोप है कि मामले में राजनीति हावी है और पूरा मामला वोट की राजनीति में उलझा हुआ है।
उनका कहना है कि अतिक्रमण के कारण सड़क चौड़ीकरण का काम रुका हुआ है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना मुख्य मार्ग पर लगने वाले भीषण जाम से राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा इंतजार
स्थानीय लोगों की मानें तो अधिकारियों द्वारा लगातार प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीन पर अतिक्रमण अभी भी मौजूद है। लोगों का कहना है कि पैमाइश और निशानदेही के बाद अब अगला कदम अतिक्रमण हटाने का होना चाहिए।
मऊआइमा के लोगों के सामने फिलहाल कई सवाल हैं—
क्या तहसील प्रशासन की रिपोर्ट जल्द आएगी?
क्या नगर पंचायत अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करेगा?
आखिर सड़क से अतिक्रमण कब हटेगा?
सड़क चौड़ीकरण का काम कब शुरू होगा?
और सबसे बड़ा सवाल—मऊआइमा के लोगों को रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आखिर कब राहत मिलेगी?
फिलहाल सड़क की पैमाइश और सीमांकन के बाद लोगों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और वर्षों से लंबित सड़क चौड़ीकरण का सपना कब साकार होता है।
UP9 News इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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