मऊआइमा स्टेशन रोड पर जलभराव से जनजीवन बेहाल, गंदे पानी के बीच स्कूल जाने को मजबूर बच्चे,गढ़ाही को रातों-रात मिट्टी डालकर पटाने का चल रहा षड्यंत्र
प्रयागराज। मऊआइमा कस्बे के स्टेशन रोड पर एक बार फिर बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित मुख्य मार्ग पर कई दिनों से गंदा बारिश का पानी जमा होने के कारण राहगीरों, स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन रोड पर सड़क के दोनों ओर रहने वाले परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों को रोजाना गंदे और बदबूदार पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। सड़क पर जमा पानी के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
इस बीच स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गढ़ाही (तालाबनुमा क्षेत्र) में रातों-रात मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह गढ़ाही को पाटे जाने से बारिश के पानी के प्राकृतिक निकास पर असर पड़ रहा है, जिससे जलभराव की समस्या और भी विकराल होती जा रही है। इसको लेकर क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से यूपी 9 न्यूज़ इस समस्या को लगातार प्रमुखता से उठाता रहा है। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और समाचारों का असर यह हुआ कि स्टेशन रोड, रेलवे क्रॉसिंग और कस्बे के अन्य प्रमुख मार्गों पर जल निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला बनने के बावजूद जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है और बरसात के दौरान सड़क पर कई दिनों तक पानी जमा रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गढ़ाही में मिट्टी और मलबा डालने का कार्य नहीं रोका गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि गढ़ाही में मिट्टी डालने की शिकायत उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और नगर पंचायत के दावों का असर धरातल पर कब तक दिखाई देता है, या फिर इस वर्ष भी मऊआइमा के लोगों को जलभराव, बदबू और परेशानियों के बीच ही बरसात का मौसम गुजारना पड़ेगा।
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