गणेश चतुर्थी का एक फरवरी को करें व्रत – धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास
अरविन्द दुबे, ब्यूरो
प्रतापगढ़,। संकष्टी गणेश चतुर्थी की बहुत बहुत बधाई। 1 फरवरी 2021 दिन सोमवार को संकष्टी गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी ।इस संबंध में गणेश आपा पंचांग के अनुसार 31 जनवरी को व्रत करने के पक्ष में कोई शास्त्रीय मत नहीं है यह केवल लोकाचार का अंधविश्वास है ।धर्म सिंधु के अनुसार संकष्ट चतुर्थी तु चंद्रोदय व्यापिनी ग्राह्या, पर दिने चंद्रोदय व्यापतौ परैव, उभय दिने चंद्रोदय व्यापित्वे तृतीया युतैव ग्राह्या,दिनद्वये चंद्रोदय व्याप्त्यभावे परैव (धर्म सिंधु) अर्थात यदि उदया तृतीया व उदया चतुर्थी दोनों ही दिन चंद्रोदय होते समय चतुर्थी ना हो तो दूसरे दिन व्रत करें।( अर्थात उदय चतुर्थी वाले दिन ही) अतः 1 फरवरी को ही संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत होगा। रात 9:21 पर चंद्रोदय होगा चंद्रमा का पूजन करें।चंद्रमा भगवान श्रीमन नारायण के साले हैं लक्ष्मी जी के भाई हैं। इस दिन चंद्रमा का पूजन करने से मनोकामना पूर्ण होती है। भगवान श्री जगन्नाथ जी ने इसीलिए अपने मंदिर के शिखर पर जो ध्वज लगाने का आदेश दिया उस ध्वज में चंद्रमा का चिन्ह अंकित रहता है।
गणेश जी की पूजा के पूर्व हो सके तो स्नान करें नहीं तो गंगाजल छिड़क ले सर्वप्रथम श्री गणेश जी के श्री विग्रह या चित्र के समक्ष बैठकर उनका आवाहन करते हुए उन्हें जल द्वारा अर्द्य पाद्य समर्पित करके स्नान चंदन रोली वस्त्र, वस्त्र ना हो तो कलावा, धूप दीप नैवेद्य तथा 21 दूर्वा दल जिसमें नीचे की जड़े ना हो और ऊपर की तरफ तीन गाठें हो समर्पित करें। नैवेद्य में तिल गुड़ लड्डू शकरकंद अमरूद समर्पित करें। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। यदि कुछ भी ना हो तो हाथ जोड़कर प्रार्थना करके क्षमा मांग लें। श्री गणेश जी अवश्य कृपा करेंगे। ( श्री संप्रदाय के समाश्रित जीव यह व्रत नहीं करते हैं। उन्हें अपने आचार्य द्वारा बताए गए व्रत ही करना चाहिए ) ।