मऊआइमा कस्बे में बड़े वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित

मऊआइमा कस्बे में बड़े वाहनों की आवाजाही से जनजीवन प्रभावित

प्रयागराज मऊआइमा कलंदरपुर मार्ग और फोरलेन पिलखुआ हाईवे की ओर से कस्बे में नियमों की अनदेखी कर प्रवेश कर रहे ट्रक-कंटेनर, मकान व बिजली के खंभे बड़े वाहनों की चपेट में आकर हो जाते हैं क्षतिग्रस्त
प्रयागराज। मऊआइमा कस्बे में बड़े ट्रकों और कंटेनरों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि कस्बे की अपेक्षाकृत तंग सड़कों पर बड़े वाहनों के प्रवेश से यातायात व्यवस्था के साथ जनजीवन भी प्रभावित हो रही है और आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कलंदरपुर मार्ग और फोरलेन पिलखुआ हाईवे की ओर से बड़े वाहनों को कस्बे के भीतर प्रवेश कराया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बड़े ट्रक और कंटेनर चोरी-छिपे कस्बे में पहुंचते हैं, जबकि इन वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
तीन बत्ती से आजमपुर तक बढ़ रही परेशानी
मऊआइमा के तीन बत्ती चौराहे से आजमपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित कारखानों व फैक्ट्रियों तक माल पहुंचाने के लिए बड़े वाहनों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार भारी वाहनों में माल लोड करने के साथ ओवरलोडिंग भी की जाती है, जिससे सड़क पर आवागमन और अधिक प्रभावित होता है।
लोगों के मुताबिक बड़े ट्रक और कंटेनर जब कस्बे की तंग गलियों और सड़कों से गुजरते हैं तो मकानों, बिजली के खंभों और केबलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनती है। तीन बत्ती चौराहे से आजमपुर तक कई मकानों को बड़े वाहनों की टक्कर से नुकसान पहुंचने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही है।
मकानों और बिजली के खंभों को नुकसान का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े वाहनों के कारण कई स्थानों पर मकानों के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं बिजली के खंभों और केबलों के टूटने अथवा क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद बड़े वाहनों की कस्बे में आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लगने से लोगों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर चलने के लिए बने बड़े ट्रकों व कंटेनरों को कस्बे की तंग सड़कों से होकर गुजारना यातायात के लिहाज से गंभीर समस्या पैदा कर रहा है।
कस्बे से बाहर लोडिंग-अनलोडिंग की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बड़े वाहनों की लोडिंग और अनलोडिंग कस्बे से बाहर निर्धारित स्थानों पर कराई जाए, ताकि भारी वाहनों को बाजार और आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न करना पड़े। इससे कस्बे में यातायात का दबाव कम होने के साथ आम लोगों को भी राहत मिल सकती है।
लोगों ने स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग से मामले का संज्ञान लेकर भारी वाहनों की कस्बे में आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नियमों के अनुरूप बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग अथवा कस्बे से बाहर लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु रह सके और स्थानीय संपत्तियों को नुकसान से बचाया जा सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Ads