मऊआइमा में BJP का प्रदर्शन: राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला दहन
प्रयागराज जनपद के मऊआइमा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन बहराना चौराहे पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हुए।
कार्यक्रम का नेतृत्व एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गजिया बाजार से बहराना चौराहे तक पैदल मार्च निकाला और विपक्षी दलों के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां महिलाओं के मुद्दों पर केवल राजनीति करती हैं, जबकि वास्तविक रूप से महिला सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम नहीं उठातीं।
महिला विरोधी होने का आरोप क्यों?
भाजपा का यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश और देशभर में चल रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि:
विपक्ष ने कई मौकों पर महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट समर्थन नहीं दिया
संसद में महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर वर्षों तक सहमति नहीं बन पाई
महिला सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के मामलों में विपक्षी शासित राज्यों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा है
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर देश में लंबे समय तक राजनीतिक सहमति नहीं बन पाई थी, जिसमें सभी दलों की अलग-अलग राजनीतिक रणनीतियां और प्राथमिकताएं जिम्मेदार रही हैं।
सपा के गढ़ में प्रदर्शन का राजनीतिक संदेश
मऊआइमा को समाजवादी पार्टी का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में भाजपा द्वारा यहां पुतला दहन और विरोध मार्च निकालना राजनीतिक रूप से अहम संकेत माना जा रहा है। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भाजपा अब विपक्ष के मजबूत इलाकों में भी सक्रिय रूप से अपनी पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
आगे क्या?
भाजपा कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने इस मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां सिर्फ चुनाव के समय महिलाओं के नाम पर बड़े-बड़े वादे करती हैं और वोट बटोरने का काम करती हैं, लेकिन जब महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की बात आती है तो यही दल पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने कहा, “महिलाओं के अधिकारों की सबसे ज्यादा बात करने वाले लोग ही असल में उनके मुद्दों पर सबसे ज्यादा चुप रहते हैं। देश और प्रदेश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और उन्हें यह साफ दिख रहा है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है।”
सुरेंद्र चौधरी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार ठोस कदम उठाए हैं, जबकि विपक्ष ने हमेशा इन मुद्दों को नजरअाज किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने में गंभीरता की कमी रही।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि “अब समय आ गया है कि जनता ऐसे दलों को जवाब दे, जो महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीति करते
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